खुले मंच से बयानबाजी पर कांग्रेस सख्त, धस्माना बोले- संगठन में अनुशासन सबसे जरूरी
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ में सामने आए विवाद ने पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रा के दौरान एक जिलाध्यक्ष द्वारा कांग्रेस विधायक के खिलाफ सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी राजनीतिक दल के लिए नुकसानदायक होती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की टिप्पणी पार्टी की छवि को प्रभावित करती है और इससे विरोधी दलों को राजनीतिक लाभ मिलता है।
धस्माना ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के भीतर भी कई बार नेताओं के बयानों से असहज स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संसद में दिए गए बयान और अन्य नेताओं से जुड़े विवाद इसके उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था मौजूद है, जहां हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपनी बात रख सकता है। लेकिन इसके लिए पार्टी के निर्धारित मंचों का उपयोग किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक कार्यक्रमों का।
उन्होंने सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही जनता का विश्वास जीतने का सबसे बड़ा माध्यम है। पार्टी नेतृत्व भविष्य में ऐसे मामलों को गंभीरता से लेगा।