वाहन फिटनेस में गड़बड़ी पर सख्त हुआ परिवहन विभाग, दोबारा टेस्ट होगा अनिवार्य
देहरादून: देहरादून आरटीओ ने वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र में सामने आई अनियमितता के बाद सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब बिना वास्तविक परीक्षण के जारी होने वाले फिटनेस प्रमाणपत्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि जांच के दौरान एक वाहन स्वामी ने स्वीकार किया कि उसका वाहन एटीएस सेंटर नहीं पहुंचा था, लेकिन फिर भी फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
अब संबंधित वाहन का दोबारा परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही दूसरे राज्यों में संचालित उन एटीएस सेंटरों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी, जिनके नाम पर ऐसे प्रमाणपत्र जारी किए गए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ATS 2.0 परियोजना लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत जियो-टैगिंग, एएनपीआर कैमरे और डिजिटल रिकॉर्डिंग की व्यवस्था होगी, जिससे पूरी टेस्टिंग प्रक्रिया ऑनलाइन निगरानी में रहेगी।
परिवहन विभाग का कहना है कि नई तकनीक से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा भी बेहतर होगी।