श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, यात्रा मार्ग पर 24 घंटे संचालित होंगी मेडिकल रिलीफ पोस्ट
30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यात्रा मार्ग पर व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थलों और चिन्हित चेक पोस्टों पर विशेष स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था स्थापित कर रहा है। इन स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी और श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर लगातार नजर रखेंगी। विभाग का उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक एमआरपी पर डॉक्टर, फिजिशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की तैनाती रहेगी। इन केंद्रों पर प्राथमिक उपचार से लेकर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में राहत मिल सके।
इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य आपातकालीन चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त भंडारण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी यात्रा अवधि के दौरान पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चिन्हित श्यामपुर चौकी और आईडीपीएल में स्थापित मेडिकल रिलीफ पोस्ट 24 घंटे संचालित रहेंगी, जहां रोस्टर के अनुसार शिफ्टवार डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा और पूरी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और यात्रा सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।