BKTC चंदा विवाद: गणेश गोदियाल पर हेमंत द्विवेदी का बड़ा आरोप
रिपोर्ट: राजकुमार दक्ष | देहरादून
देहरादून: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान गोदियाल ने मंदिर समिति के संसाधनों का दुरुपयोग किया और मंदिर के चंदे को नियमों के विपरीत खर्च किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चंदा चोरी मामले में दिए जा रहे बयान जांच को प्रभावित करने और दोषियों को बचाने की कोशिश हैं।
देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और इन्हें राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चंदा चोरी और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जारी है। सरकार की मंशा किसी को बचाने की नहीं, बल्कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की है।
तीन स्तर पर चल रही है जांच
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर समिति से जुड़े मामलों की जांच एसआईटी, विभागीय जांच और राज्य स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चंदा चोरी मामले के गिरफ्तार आरोपी ने “ऊपर से निर्देश मिलने” की बात कही है। द्विवेदी ने पूछा कि यह जानकारी गोदियाल को कहां से मिली और यदि यह सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है, तो ऐसे बयान जांच को प्रभावित करने का प्रयास माने जाएंगे।
पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल पर लगाए गंभीर आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान हेमंत द्विवेदी ने गणेश गोदियाल के बीकेटीसी अध्यक्ष रहते हुए लिए गए कई फैसलों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए एक कर्मचारी को इंटरनेट कोऑर्डिनेटर से सीधे वैयक्तिक सहायक के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह नियुक्ति समिति के नियमों और अधिनियम के विपरीत थी।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के संसाधनों का उपयोग निजी और राजनीतिक कार्यों में किया गया। द्विवेदी के अनुसार, समिति के कर्मचारियों को निजी संस्थानों और राजनीतिक गतिविधियों में लगाया गया, जबकि मंदिर समिति के अधीन आने वाली धर्मशालाओं, संस्कृत विद्यालयों और अन्य धार्मिक परिसंपत्तियों के विकास पर अपेक्षित खर्च नहीं किया गया।
“मंदिर के चंदे का हुआ दुरुपयोग”
हेमंत द्विवेदी ने दावा किया कि मंदिर समिति की आय श्रद्धालुओं के दान से चलती है, लेकिन पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में इस धन का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के बजट का इस्तेमाल निजी क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्र में किया गया तथा कई लोगों को विवेकाधीन कोष की तरह आर्थिक सहायता बांटी गई।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल चंदा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर समिति के संसाधनों के दुरुपयोग से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, पूर्व में हुई जांच रिपोर्टों में भी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कांग्रेस पर साधा राजनीतिक निशाना
हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि हाल के दिनों में हुई एक छात्रा और कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक कार्यक्रमों में संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में सार्वजनिक रूप से जश्न मनाना पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता बदरी-केदार धाम की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को भी जवाब मिलेगा।