अल्मोड़ा में सीएम धामी का जैविक खेती पर जोर, तारबाड़ योजना के लिए 6 करोड़ मंजूर…
अल्मोड़ा,6 जून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती से उत्पादित खाद्यान्न न केवल स्वास्थ्यवर्धक होता है बल्कि उसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बजाय पर्यावरण अनुकूल खाद और उर्वरकों का उपयोग करने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के लिए तारबाड़ योजना के तहत छह करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री हवालबाग में आयोजित राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार कमजोर हो रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है तथा इससे भूमि की गुणवत्ता को पुनः बेहतर बनाया जा सकता है।सीएम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय मानी जाती है। इसलिए मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के लिए उसे रासायनिक प्रदूषण से मुक्त रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रैगन फ्रूट, कीवी और एप्पल मिशन जैसी योजनाओं के साथ-साथ “महक क्रांति” जैसी पहलें भी शुरू की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि किसानों की आय वृद्धि के मामले में उत्तराखंड देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि बजट में किसानों के हित में 200 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान के साथ 1000 करोड़ रुपये की रेन फ्लड योजना भी शामिल की गई है।कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद राज्य में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।इस अवसर पर कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, मोहन सिंह मेहरा, महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।