पुश्तैनी जमीन की बिक्री को लेकर ग्राम प्रधान का बड़ा दावा, प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
रुड़की: झबरेड़ा क्षेत्र के सुसाड़ा गांव में पुश्तैनी जमीन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के ग्राम प्रधान ने प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि उनकी पारिवारिक कृषि भूमि को उनकी जानकारी के बिना बेच दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्राम प्रधान के मुताबिक, उनके चाचा सुखपाल के नाम करीब 10 बीघा जमीन दर्ज थी। उनका कहना है कि कुछ साल पहले यह भूमि एक अधिवक्ता लक्ष्मण के पास गिरवी रखी गई थी। अब आरोप है कि अधिवक्ता ने कथित तौर पर उसी जमीन को मुनेश नामक व्यक्ति के नाम कर दिया।
ग्राम प्रधान का कहना है कि विवादित जमीन की कीमत करीब 60 लाख रुपये है, लेकिन इसे बहुत कम कीमत में बेच दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई।
उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने वाले व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन माध्यम से उन पर चोरी से पेड़ बेचने के आरोप लगाए गए हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि इन आरोपों से उनकी छवि धूमिल हुई है और उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनामी का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि वह जल्द ही डीएम और एसएसपी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करेंगे। फिलहाल संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।