माटी कला बोर्ड में गैर प्रजापति समाज को जिम्मेदारी देने पर नाराजगी, सरकार से पुनर्विचार की मांग
हरिद्वार में माटी कला बोर्ड में गैर प्रजापति समाज के लोगों को दायित्व सौंपे जाने पर प्रजापति समाज के संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्णय नहीं बदला गया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राजाराम प्रजापति ने कहा कि प्रजापति समाज का एक बड़ा वर्ग भाजपा का समर्थक रहा है, लेकिन सरकार ने समाज के हितों के लिए बनाए गए माटी कला बोर्ड में अन्य समाज के लोगों को जिम्मेदारी देकर गलत कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि मिट्टी से जुड़े कार्य प्रजापति समाज का पारंपरिक और पुश्तैनी व्यवसाय है। समाज के लोग पीढ़ियों से इस कार्य को करते आ रहे हैं और इसकी बारीकियों को भली-भांति समझते हैं। इसके बावजूद बोर्ड में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें इस क्षेत्र की पर्याप्त जानकारी नहीं है।
राजाराम प्रजापति ने सरकार से मांग की कि बोर्ड में की गई नियुक्तियों को तत्काल निरस्त किया जाए और प्रजापति समाज के योग्य लोगों को ही इसमें स्थान दिया जाए।
इस मौके पर योगाचार्य डॉ. बबीता ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस निर्णय से प्रजापति समाज को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग रखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण नीति को समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। राज्य में प्रजापति समाज की बड़ी संख्या है और समाज राजनीतिक रूप से भी प्रभावशाली है। इसलिए सरकार को कुम्हार व्यवसाय से जुड़े लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में बालू राम, पवनदीप, राजेश प्रजापति, मेलाराम सहित कई अन्य लोगों ने भी सरकार के फैसले पर रोष व्यक्त किया।