हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: बच्चा चोरी गैंग का भंडाफोड़, 3 साल की बच्ची समेत दो मासूम बरामद
हरिद्वार: हरिद्वार पुलिस ने एक संगठित बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। कनखल क्षेत्र से अगवा की गई तीन साल की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने दिल्ली से चोरी किए गए एक वर्षीय बच्चे को भी मुक्त कराया है। इस कार्रवाई में दो महिलाओं समेत गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाला एक संगठित और पेशेवर गिरोह था, जिसकी जड़ें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैली हुई हैं।
दरअसल, बीती 6 मई को कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप स्थित झुग्गी-झोपड़ी इलाके से एक तीन वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस की।
जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को बेचने का काम करता था। मासूम बच्चों की कीमत दो लाख से पांच लाख रुपये तक तय की जाती थी। गिरोह में प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। कोई बच्चा चोरी करता था, कोई उसे दूसरे स्थान तक पहुंचाता था, जबकि कुछ सदस्य ग्राहकों की तलाश कर बच्चों की बिक्री करवाते थे। यहां तक कि बच्चों को बेचने के लिए फर्जी माता-पिता बनने का भी पूरा इंतजाम किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के दो शादीशुदा जोड़े भी शामिल हैं। आरोपी प्रीति शर्मा और आकिल गिरोह के मुख्य सदस्यों में थे। दोनों बच्चों की कीमत तय करने और उन्हें अपना या अनाथ बताकर बेचने का काम करते थे।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।