निशा नर्सिंग होम की जांच रिपोर्ट पर सवाल, जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
देहरादून: निलाड़ी गांव निवासी निकिता की मौत के मामले में अब जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। प्रधान संघ अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह खत्री और क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी ने बुधवार को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देहरादून के निशा नर्सिंग होम में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। साथ ही यह भी कहा गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल नहीं किया गया, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार अस्पताल में ऑपरेशन के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव था, फिर भी मरीज की सर्जरी की गई। उन्होंने दावा किया कि जांच समिति ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
ज्ञापन में मेडिकल रिकॉर्ड छिपाने, पंजीकरण नियमों के उल्लंघन और मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर उच्च संस्थान में रेफर न करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। उनका कहना है कि इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से अस्पताल के रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच, उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल द्वारा जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।