देहरादून में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ईआरपी सिस्टम पर कार्यशाला, शिक्षकों को दी गई आधुनिक शिक्षा प्रबंधन की जानकारी
देहरादून: श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धर्मपुर में आईटी एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों और विद्यालयों में डिजिटल प्रबंधन प्रणाली (ERP) के प्रभावी उपयोग से अवगत कराना था।
कार्यशाला में दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ. एच.सी. पुरोहित ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, कौशल विकास, आलोचनात्मक चिंतन, मातृभाषा में शिक्षा और बहुविषयक अध्ययन को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा-केंद्रित शिक्षा तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, आत्मनिर्भरता और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में आईटी विशेषज्ञ शुभम ने विद्यालय में उपयोग किए जा रहे ईआरपी (Enterprise Resource Planning) सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली और विभिन्न मॉड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईआरपी प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, शुल्क प्रबंधन, गृहकार्य, अभिभावकों से संवाद और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
आईटी विशेषज्ञ ने सॉफ्टवेयर का लाइव प्रदर्शन भी किया और शिक्षकों को इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। इस दौरान शिक्षकों ने ईआरपी सिस्टम से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल तकनीक के बेहतर उपयोग से विद्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक सुचारु और समयबद्ध बन सकती है।
कार्यशाला में विद्यालय के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार शर्मा, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा प्रबंधन को समझने की दिशा में उपयोगी पहल बताया और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।