ग्रामीण के घर पहुंची दुर्लभ उड़ने वाली गिलहरी, वन विभाग ने सुरक्षित बचाया
रामनगर के टेड़ा गांव में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई, जब एक अनोखी और बड़े आकार की गिलहरी एक घर के भीतर दिखाई दी। पहले तो ग्रामीण इसे पहचान नहीं पाए, लेकिन सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू किया।
जांच में पता चला कि यह दुर्लभ इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल है। यह प्रजाति भारत के कुछ चुनिंदा जंगलों में ही पाई जाती है और उत्तराखंड में इसके दर्शन बेहद कम होते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह गिलहरी पेड़ों के बीच लगभग 80 मीटर तक ग्लाइड कर सकती है। इसकी यही क्षमता इसे अन्य गिलहरियों से अलग बनाती है। यह दिन में आराम करती है और रात के समय भोजन की तलाश में निकलती है।
वन विभाग के अनुसार रामनगर क्षेत्र में इसकी आखिरी रिकॉर्डिंग करीब 12 साल पहले हुई थी। ऐसे में इसका दोबारा दिखाई देना वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रेस्क्यू के बाद वन कर्मियों ने इसके स्वास्थ्य की जांच की है और जल्द ही इसे प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि यह अपने प्राकृतिक जीवनचक्र को जारी रख सके।